हरिद्वार : मित्रता सेवा सुरक्षा का नारा ऐसे ही नहीं दिया जाता उत्तराखंड पुलिस इस नारे के लिए काबिल ए तारीफ रही हैं । उत्तराखंड के अंदर जब बात किसी की जिंदगी बचाने के लिए आती है तो उत्तराखंड पुलिस का हर जवान अपनी जान पर खेलकर उस शख्स की जान बचाने के लिए अपनी जान को दांव पर लगा देता है ऐसा एक वाक्य नहीं है ऐसे न जाने कितने वाक्य है जो उत्तराखंड के गर्भ में रहकर उत्तराखंड के हर उस इंसान के प्रति सच्ची संवेदना रखता हो तो वह

उत्तराखंड पुलिस का जवान है । जी हां उत्तराखंड पुलिस का ऐसा ही एक बड़ा सराहनीय कार्य देखने को मिला है बता दे हरकी पैड़ी पर गंगा में डूब रहे मासूम को पुलिसकर्मी ने बचाया मासूम के चीखने की आवाज सुनी, तो पुलिस कर्मी स्वयं गंगा जी में देवदूत बनकर उतर गए। उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपनी जान जोखिम में डालकर मासूम को पानी से निकलकर उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचे जहा बच्चे का इलाज चल रहा है बच्चा अभी स्वस्थ है

एक बार फिर देवदूत बनी उत्तराखंड पुलिस
एक बार फिर देवदूत बनी उत्तराखंड पुलिस

पुलिस कर्मियों का कहना है कि एक बच्ची जो गंगा जी में डूबती हुई दिखाई दी जिसने चीखते हुए अपनी जान बचाने के लिए आवाज लगाई तो उत्तराखंड के मौजूद जवान को जब यह आवाज सुनाई दी तो वह एकदम अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी जान को जोखिम में डालकर गंगा जी में कूद गया और उस बच्ची को बचाया जिसके लिए उत्तराखंड पुलिस की जितनी सराहना की जाए कम है ।

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