देहरादून- दीपनगर थाना नेहरु कालोनी जनपद देहरादून निवासी व्यक्ति द्वारा थाना साईबर क्राईम पुलिस देहरादून पर एक प्रार्थना पत्र प्रेषित किया गया जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कर स्वयं को बैंक मेनेजर बताते हुये,  बैंक खाता बंद होने की बात कही गयी तथा बैंक खाता चालू रखने हेतु आधार कार्ड नम्बर एंव ओटीपी बताने हेतु कहा गया।

स्पेशल टास्क फोर्स, देहरादून
स्पेशल टास्क फोर्स, देहरादून

उक्त पर विश्वास करते हुये शिकायतकर्ता द्वारा अपना आधार कार्ड नम्बर एवं ओटीपी आदि जानकारी बता दी गयी, जिस कारण उनके खाते से रु0 62,000/- (बासठ हजार) रुपये अज्ञात व्यक्ति द्वारा धोखाधड़ी से निकासी कर ली गयी । प्रकरण में आवश्यक तकनीकि कार्यवाही करते हुये थाना साईबर क्राईम पर अभियोग पंजीकृत किया गया है ।

क्लेमनटाउन थाना क्लेमनटाउन जनपद देहरादून निवासी द्वारा साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून, उत्तराखण्ड पर एक प्रार्थना पत्र प्रेषित किया गया था जिसमें उनके द्वारा अवगत कराय गया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कर उनको उनके दोस्त का परिचित बताकर कुछ पैसे भेजना तथा उक्त पैसो को बाद मे उनसे प्राप्त कर लेने की बात कही गयी । उक्त पर विश्वास करते हुये शिकायतकर्ता द्वारा भेजी गयी रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लिया गया, जिस कारण उनके खाते से 40,000/- रुपये की निकासी हो गयी, इसके उपरान्त उक्त व्यक्ति द्वारा शिकायतकर्ता को अपनी बातो के झांसे मे लेकर पुनः दो बार और रिक्वेस्ट भेजकर शिकायकर्ता के खाते से कुल 60,000/- (साठ हजार) रुपये की निकासी कर धोखाधड़ी की गयी । प्रकरण में आवश्यक तकनीकि कार्यवाही करते हुये थाना साईबर क्राईम पर अभियोग पंजीकृत किया गया है ।

मोहकमपुर थाना नेहरु कालोनी जनपद देहरादून निवासी व्यक्ति द्वारा थाना साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन को एक प्रार्थना पत्र प्रेषित किया जिसमे उनके द्वारा अवगत कराया गया कि उनके द्वारा अपने पुराना सोफा सेट बेचने हेतु विज्ञापन OLX पर डाला गया था, जिस पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उन्हे मोबाइल फोन के माध्यम से सम्पर्क कर उक्त सोफा सेट को खरीदने की बात कहकर शिकायतकर्ता को धनराशि एडंवास के रुप में देने को कहकर QR कोड को स्कैन करने हेतु कहा गया, उक्त पर विश्वास करते हुये शिकायतकर्ता द्वारा भेजे गये QR कोड को स्कैन किया गया तो उनके खाते से धनराशि कट गयी, इसी प्रकार उक्त व्यक्ति द्वारा तकनीकी समस्या आने की बात कहकर बार-बार QR कोड भेजा गया जिसे स्वीकार करते हुये शिकायतकर्ता के खाते से कुल 90,000/-(नब्बे हजार रुपये) की धनराशि धोखाधडी से निकाल कर ली गयी ।  प्रकरण में आवश्यक तकनीकि कार्यवाही करते हुये थाना साईबर क्राईम पर अभियोग पंजीकृत किया गया है ।
साईबर सुरक्षा टिप

KYC अपडेट/मोबाईल नम्बर बंद होने सम्बन्धी मैसेज/फोन कॉल आने पर अपनी व्यक्तिगत/बैंक सम्बन्धी जानकारी शेयर न करें ।

ध्यान रखे कि अंजान व्यक्ति द्वारा भेजे गये किसी भी पेमेन्ट गेटवे /वॉलेट/मोबाईल एप्लीकेशन पर धनराशि प्राप्त करने हेतु कभी भी न तो QR कोड स्कैन करें, और न ही UPI पिन डालें ऐसा करने से हमेशा धनराशि आपके खाते से ही डेबिट होगी ।

किसी अजनबी या किसी ऐसे व्यक्ति से प्राप्त संदेश का जवाब न दें जिसे आप नहीं जानते हैं।

कस्टमर केयर से बताकर फोन करने वाले व्यक्ति की बातो में न आये और न ही उसे अपने वॉलेट/बैक सम्बन्धी को जानकारी साझा करें ।

ऑनलाईन प्लेटफार्म पर खरीदारी या सामान बेचते वक्त द्वितीय पार्टी में तत्काल विश्वास ना करें। सामान को भौतिक रुप से देखने व विक्रेता/क्रेता से व्यक्तिगत रुप में मिलकर ही भुगतान करें ।

किसी भी साईबर शिकायत / सुझाव के लिए–
संपर्क: 0135-2655900
email- ccps.deh@uttarakhandpolice.uk.gov.in
फेसबुक – https://www.facebook.com/cyberthanauttarakhand/
“हो सकती है आपको बाधा, न करें अपनी निजि जानकारी साँझा”

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