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Wednesday, May 18, 2022
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बुज़ुर्ग महिला की दो साल से थी आँखे बंद, डॉ सुशील ओझा की टीम ने किया सफल ईलाज

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प्राचार्य डॉ आशुतोष सयाना ने की तारीफ, बोले उम्मीदों पर खरा उतर रहा है दून अस्पताल

आँखों की गहन जाँच के बाद टीम को मिली बड़ी सफलता

पौड़ी गढ़वाल की उषा देवी ने डॉक्टर को बोला धन्यवाद

देहरादून : राजधानी देहरादून के दून अस्पताल में नेत्र रोग विभाग के डॉक्टरों की टीम ने मरीज का सफल इलाज कर बड़ी सफलता हासिल की है | जिससे बुजुर्ग महिला के सफल इलाज की चर्चा पुरे अस्पताल में हो रही है तो वही अस्पताल के प्राचार्य आशुतोष सयाना ने टीम को बधाई देकर सरहाना की दरसल पौड़ी गढ़वाल की 58 वर्षीय महिला उषा देवी पिछले दो साल से अपनी आँखों को खोलने में असमर्थ थी |

उषा देवी, मरीज

बुजुर्ग महिला दो वर्षो से इस गंभीर समस्या से पीड़ित चल रही थी जब बीमारी बढ़ गयी तो बुजुर्ग महिला के परिजनों ने महिला को दून अस्पताल में भर्ती करवाया था | डॉक्टरों के मुताबिक बुज़ुर्ग महिला को इसेंसियल ब्लिफरो स्पाज्म नाम की बीमारी है| डॉक्टरों ने बताया मरीज आँखे खोलने में बिलकुल असमर्थ थी |

डॉ सुशील ओझा, नेत्र रोग विशेषज्ञ

जिसको देखते हुए टीम ने महिला के नेत्रों की गहन जाँच करते हुए महिला की आँखों में इंजेक्शन के माध्यम से 42 यूनिट बोटुलिनम टॉक्सिन इंजेक्शन दिया गया था जिसके बाद मरीज के पहले ही दिन आराम महसूस करते हुए अपनी आँखों को खोलने में सक्षम हुई और पीड़ित महिला की ज़िंदगी में फिर से रौशनी की किरण आगयी इसी दौरान नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सुशील ओझा बताया की पौड़ी गढ़वाल निवासी बुज़ुर्ग महिला दो साल से इस बीमारी से ग्रस्त चल रही थी जिसके बाद महिला को अस्पताल लाया गया और महिला का सफल इलाज किया गया है इस इलाज में महिला को जो इंजेक्शन दिए गए है उनका प्रभाव 12 से 18 सप्ताह तक प्रभावी रहेगा जिसमें एक सप्ताह के अंदर मरीज को समीक्षा के लिए बुलाया जायेगा

आपको बता दे पहाड़ के जिला अस्पतालों में इस तरह की प्रकिया नहीं है हलाकि शहरो के प्राइवेट अस्पतालों में इस इलाज के लिए तकरीबन 50 हज़ार रूपये का खर्च आता है लेकिन दुन अस्पताल में इस बीमारी के लिए सिर्फ न के बराबर ही खर्च आता है जिससे दूर दर्ज से आने वाले मरीजों को मोटे खर्च की मार नहीं झेलनी पड़ती है

दून अस्पताल के प्राचार्य डॉ आशुतोष सयाना ने नेत्र रोग विभाग के सभी डॉक्टरों की सरहाना करते हुए कहा है की हमारे लिए बहुत ही गर्व का विषय है की हम आम जनता की उम्मीदों की किरण बन रहे है और उनकी उम्मीदों पर खरे उतर रहे है |

अबसे पहले भी नेत्र रोग विभाग की काबिल टीम ने मरीजों का सफल ऑपरेशन कर लोगो को नयी जिंदगी देने का काम किया है और आगे भी दून अस्पताल ऐसे ही आम जनता की सेवा करता रहेगा

ये है नेत्र रोग विभाग की टीम :
डॉ सुशील ओझा, एसोसिएट प्रोफेसर ऑप्थल्मोलॉजी
डॉ नीरज सारस्वत असिस्टेंट प्रोफेसर ऑप्थल्मोलॉजी,
डॉ हर्षिता डबराल सीनियर रेजिडेंट

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