अंतरिक्ष में ड्रेगन ने किया विनाशक परमाणु मिसाइल की परीक्षण, डिफेंस सिस्टम होंगे बर्बाद, मच सकता है कोहराम

देश और पूरी दुनिआ को काबू करने की चाह में चीन अब बर्बादी फ़ैलाने पर आमदा है वो किसी भी हाल में किसी से कोई भी समझौता नहीं करना चाहता है चीन अब दुनिया में विध्वंश मचने की तैयारी में जुट गया है इस बार चीन में अंतरिक्ष में बड़ा खेल किया है चीन ने अंतरिक्ष में परमाणु हाइपरसोनिक मिसाइल तैयार कर दी है जिसके परीक्षण में वो पास भी हो गया है। पूरी घटना से दुनिआ में दहशत का माहौल है जिसके बाद देश दुनिया में चीन की जिम्मेदारी तय करने की मांग हो गयी है

चीन ने किया अंतरिक्ष में हाइपरसोनिक परीक्षण

एक रिपोर्ट के अनुसार, जिस वक्त पूरी दुनिया कोरोना महामारी से बचने का रास्ता खोज रही थी, उस वक्त चीन ने अंतरिक्ष में हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है। खुलासा हुआ है कि, चीन ने अगस्त महीने में एक परमाणु हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण अंतरिक्ष में किया है, जिसने अपने लक्ष्य की ओर गति करने से पहले दुनिया का चक्कर लगाया और एक हाई टेक्नोलॉजी मिसाइल क्षमता का प्रदर्शन किया गया है, जिसका खुलासा होने के बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसी पूरी तरह से सदमे में है। वो किसी भी तरह से कोई भी नुक्सान नहीं चाहती है परीक्षण से परिचित पांच जानकारों ने बताया है कि, चीनी सेना ने एक रॉकेट लॉन्च किया था, जिसमें एक हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन था,जो अपने हिसाब से काम करता था जो अपने लक्ष्य की ओर जाने से पहले लोअर ऑर्बिट में उड़ान भरा था।

महा विनाशक दुनिया में निकला सबसे आगे

एक ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अपनी पहली कोशिश में पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाया है करीब 24 मील से अपने टार्गेट को भेदने में चूक गया है, लेकिन दो विशेषज्ञों ने कहा है कि, चीन ने अब इस तरह की टेक्नोलॉजी तैयार कर ली है और वो अब परीक्षण में कामयाब हो सकता है। दो खुफिया विशेषज्ञों ने कहा है कि, चीन ने हाइपरसोनिक हथियारों के क्षेत्र में आश्चर्यजनक प्रगति की है और अमेरिकी टेक्नोलॉजी की तुलना में चीन के पास अब कहीं ज्यादा उन्नत टेक्नोलॉजिकल क्षमता हासिल हो गई है और काफी ज्यादा खतरनाक है और चीन अब पूरी दुनिया का एकछत्र बादशाह बनना चाहता है।

अमेरिका में आश्चर्य

एक अखबार फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, एक विशेषज्ञ ने कहा है कि, अमेरिकी रक्षा से जुड़े लोगों ने हमेशा से चीन की क्षमताओं को कम करके आंका है, लेकिन अब इस बात से किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि, चीन टेक्नोलॉजी की दिशा में काफी ज्यादा आगे निकल चुका है। वहीं, चौथे विशेषज्ञ ने कहा कि, ‘हमें अभी तक नहीं पता कि उन्होंने ये कैसे किया है’। अमेरिका, रूस और चीन सभी हाइपरसोनिक हथियार विकसित कर रहे हैं, जिसमें ग्लाइड वाहन भी शामिल हैं जो रॉकेट पर अंतरिक्ष में लॉन्च किए जाते हैं, लेकिन अपनी गति के तहत पृथ्वी की परिक्रमा करते हैं। वे ध्वनि की गति से पांच गुना तेज गति से उड़ते हैं, बैलिस्टिक मिसाइल की तुलना में थोड़ी कम रफ्तार उनकी होती है। लेकिन वे बैलिस्टिक मिसाइल के रास्ते को फॉलो नहीं करती हैं, लिहाजा उन्हें ट्रैक करना काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है।

अमेरिका के पैरों तले खिसकी जमीन

चीन के परमाणु कार्यक्रम पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ टेलर फ्रैवेल को भी चीन के इस परीक्षण के बारे में पता नहीं चल पाई और वो अभी भी सदमे में हैं। उन्बोंने कहा कि, न्यूक्लियर हथियारों से लैस एक हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन की क्षमता हासिल करने के बाद ऐसा लगता है कि अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी में चीन ने अमेरिका को तगड़ा झटका दिया है और मिसाइल रक्षा प्रणालियों की मदद से अब चीन अमेरिका को अंतरिक्ष में ‘रोक’ सकता है। इस बैलिस्टिक मिसाइलों को ध्वस्त करने के लिए ही डिजाइन किया गया है। कई विशेषज्ञ पिछले कुछ सालों से कहते आए हैं कि, अगली लड़ाई अब अंतरिक्ष में होने वाली है और चीन ऐसे हथियार बना रहा है, जिससे वो एक पल में सैटेलाइट को अंतरिक्ष में नष्ट करके किसी भी देश को घुटनों पर ला सकता है।

चीन का अभेद्य होता है हाइपरसोनिक मिसाइल

चीन ‘हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन’ को लेकर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर फ्रैवेल ने कहा कि, लोअर ट्रैजेक्टरी में उड़ान भरना और लगातार अपनी दिशा में परिवर्तन करना, इसकी सबसे बड़ी खासियत होती है, जिसकी वजह से हाइपसोनिक मिसाइल को ट्रैक करना काफी ज्यादा कठिन है और उन्हें ध्वस्त करना इस वक्त धरती पर मौजूद टेक्नोलॉजी के हिसाब से नामुमकिन। फ्रैवेल ने कहा कि, अगर चीन इस तरह के हथियार को पूरी तरह से विकसित और तैनात करता है तो यह दुनिया की शांति को ‘अस्थिर’ करने में लगा हुआ है। चीन किसी भी सूरत में किसी भी देश से समझौता करने को तईआयर नहीं है वो पूरी दुनिया का मास्टर बनने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है वो किसी भी सेक्टर में खुद को कमजोर नहीं करना चाहता है। बात अगर देश दुनिया की करे तो कोरोना को दुनिआ में फ़ैलाने वाला देश चीन ही है जिसकी चपेट में आने सेदुनिया के करीब करोड़ो लोगो ने अपनी जान गवाई है। जिससे भारत को भी बहुत बड़ा झटका लगा है लेकिन भारत में वैक्सीन बहुत तेज़ी से लगाई जा रही है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here