देहरादून की अदालत ने एक युवक को फांसी की सजा सुनाई है आपको बता दे अपने ही परिवार के पांच सदस्यों की बेरहमी से हत्या करने वाले हरमीत सिंह को फांसी की सजा सुनाई गयी है |

उसको 302 के तहत फ़ासी 307 और 316 में 10 साल की कैद व् एक लाख रूपये जुर्माना भी लगाया गया है

देहरादून का पंचम अपर जज आशुतोष मिश्रा की अदालत ने ये फैसला सुनाया है कोर्ट का कहना है की ये रेयर ऑफ़ रेयर केस है

उत्तराखंड के पहले बड़े मामले में देहरादून की अदालत ने ये ऐतहासिक फैसला सुना दिया है मामले की खबर फैलते ही हर और सन्नाटा फ़ैल गया

आपको बता दे दिवाली के दिन हरमीत सिंह ने एक ही परिवार के गर्भवती महिला समेत चार सदस्यों की हत्या करने वाले आरोपित को कोर्ट ने सोमवार को दोषी करार दिया था

24 अक्टूबर 2014 को आरोपी हरमीत सिंह ने अपने पिता जय सिंह,सौतेली माँ कुलवंत कौर,सौतेली गर्भवती बहन हरजीत कौर और उसकी बेटी सुखमणि की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी

हमले में हर जित की बेटे कमल को भी चाकू लगे थे केश में कमल चश्मदीद गवाह बना दिल दहला देने वाली इस घटना को दोषी ने जाजीम को लेकर अंजाम दिया था

प्रदेश में पहला मामला

ज़मीन के लालच में अपने ही परिवार के चार सदस्यों को मौत के घाट उतार कर हरमीत सिंह जेल चला गया लेकिन आज कोर्ट ने हरमीत का तमाम हिसाब चुकता कर दिया आज कोर्ट ने हरमीत सिंह को फांसी की सजा सुनाई है इस तरह का मामला प्रदेश में पहला सामने आया है

परिवार के सदस्यों के हुई मौत को लेकर जब कोर्ट में बहस पूरी हो गयी तो कोर्ट में हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था दरअसल,
कारोबारी जय सिंह की पहली पत्नी से दो बेटे थे इनमे एक हरमीत और दूसरा पारस था पारस अपनी माँ के साथ रहता था जय सिंह और उनकी पहली पत्नी ने तलाक ले लिए था जय सिंह के भाई अजित ने अपनी बेटी हरजीत को बचपन में ही उन्हें गोद दे दिया था अजित ने बताया था की हर्मिट ने पहले भी उनको जान से मारने की धमकी दी थी जिससे जय सिंह की साड़ी सम्पत्ति पर वो काबिज हो सके कोर्ट में अजित सिंह की गवाही से भी यह साबित हुआ की हत्या के बाद हरमीत जय सिंह की सम्पत्ति काबिज करना चाहता है

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