उत्तराखंड में सबकुछ ठीक रहा तो श्री केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की कठिन यात्रा भविष्य में सुखद और आरामदायक हो सकती है । दोनों तीर्थस्थलों को रोपवे लिंक से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने पहल करनी शुरू करदी है । इसके तहत दो दिन पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की प्रमुख टीम केदारनाथ में रोपवे की संभावनाओं का जायजा लेने पहुंची थी जिसके बाद उन्होंने वह से जायजा लेकर और बाबा के दर्शन कर वाहा से लौट आयी । 

सोनप्रयाग-गौरीकुंड और केदारनाथ क्षेत्र का दौरा किया गया
केंद्र की एनएचएआई की रोपवे विंग लॉजिस्टीक मैनेजमेंट लिमिटेड के सीईओ प्रकाश गौड़ के नेतृत्व में दो दिन पहले टीम ने सोनप्रयाग-गौरीकुंड और केदारनाथ क्षेत्र का दौरा किया गया था । टीम से बात करने पर सीईओ प्रकाश गौड़ ने बताया कि उत्तराखंड में कुल 29 किमी की संयुक्त लंबाई के साथ तीन रोपवे लिंक प्रस्तावित हैं।

इसमें रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर, चमोली जिले में गोविंदघाट-घांघरिया से हेमकुंड साहिब और नैनीताल में रानीबाग से हनुमान मंदिर रोपवे लिंक शामिल हैं। जबकि हिमाचल प्रदेश में 42.5 किमी की एक संयुक्त लंबाई के रोपवे-लिंक प्रस्तावित हैं। इसके लिए एनएचएआई ने फिजिबिलिटी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए बिड मांगी हैं। जिसको लेकर राजय सरकार रोपवे की पहल पर काम करना शुरू कर दिया है और केदारनाथ में राजयसरकार ने टीम बनाकर काम करने के निर्देश दे दिए है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है की चारधाम में रोपवे की सुविधा से भक्तो को आसानी और आरामदायक यात्रा का आनंद मिल सकेगा।

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