नैनीताल : उत्तराखंड में आपदा में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को गढ़वाल में पांच और कुमाऊं में छह शव बरामद किए गए थे। इससे प्रदेश में मृतकों की संख्या 69 पहुंच गई। सरकारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या 64 बताई गई है। छितकुल में मारे गए ट्रैकर इसमें शामिल नहीं हैं। प्रशासन का कहना है कि उनके शव अभी तक निकाले नहीं गए हैं। 27 ट्रैकर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की लताश जारी है। वहीं, कई जगहों पर फंसे पर्यटकों को भी निकालाने का काम जारी है। प्रदेश पुलिस की एसडीआरएफ टीम दिन रात रेस्क्यू में लगी हुई है। इसमें कोई गुरेज नहीं है की प्रदेश के मुखिया दिन रात पीड़ितों से मिलकर उनका हाल जान रहे है

उत्तराखंड कुमाऊं में 120 सड़कें बंद
उत्तराखंड आपदा में बारिश के कहर ने सड़कों की हालत बिगाड़ दी है। जिससे लोगो को अब एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है वही कुमाऊं मंडल के पांच पर्वतीय जिलों में कुल 120 सड़कें बंद हैं। पिथौरागढ़ में 75, चंपावत में 28, अल्मोड़ा में 12, नैनीताल में चार और बागेश्वर में एक मोटर मार्ग पर यातायात ठप पड़ा हुआहै। बंद सड़कों में पहाड़ की दोनों लाइफ लाइन भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग, टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (बारहमासी सड़क) शामिल हैं। सड़क का सम्पर्क टूटने से लोगो को भारी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन प्रदेश सरकार ने बहुत जल्द सड़क का काम चलवाने के लिए निर्देश दिए है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here